उत्तराखंड में H1N1 का खतरा बढ़ा! 57 संक्रमित, देहरादून में सबसे ज्यादा 52 मामले – Kachchichithi

उत्तराखंड में H1N1 का खतरा बढ़ा! 57 संक्रमित, देहरादून में सबसे ज्यादा 52 मामले

उत्तराखंड में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश में अब तक इन्फ्लुएंजा ए के 57 मामले सामने आए हैं, जिनमें से अकेले देहरादून में 52 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य की निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शिखा जंगपांगी ने बुधवार को बताया कि मंगलवार तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा ए के कुल 57 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें देहरादून से 52, नैनीताल से 3 और हरिद्वार से 2 मामले सामने आए हैं।

डॉ. जंगपांगी ने बताया कि इस बीमारी के लक्षण सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार जैसे हो सकते हैं, जो मानसून और सर्दियों के मौसम में आमतौर पर देखने को मिलते हैं। अधिकांश मामलों में आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और पैरासिटामोल लेने से कुछ दिनों में राहत मिल जाती है।

उन्होंने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताते हुए साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

अन्य राज्यों में मौसमी इन्फ्लुएंजा और श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में जिलों को इन्फ्लुएंजा और निमोनिया के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही अस्पतालों को डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, जरूरी दवाइयों, पीपीई किट, एन-95 मास्क और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पतालों और समुदाय स्तर पर इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के मरीजों की सघन निगरानी की जाएगी। इन मरीजों का विवरण इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन पोर्टल (IHIP) पर दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है।

गंभीर श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों को जांच केंद्रों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को आम जनता के बीच संक्रमण से बचाव के उपायों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है।

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