उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. भारी बारिश के कारण न सिर्फ प्रदेश की नदियां उफान पर हैं, बल्कि प्रदेश के तमाम हिस्सों में लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से सड़क मार्ग भी बाधित हो रहे हैं. यही नहीं, भूस्खलन की वजह से मेजर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है. इसी क्रम में देहरादून शहर के रायपुर क्षेत्र के सपेरा बस्ती में बीते दिन नदी में बहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. जिसके बाद आज गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र का निरीक्षण किया.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 179 सड़कें अभी भी बाधित हैं. जिसमें दो नेशनल हाईवे, 8 स्टेट हाईवे, 66 लोक निर्माण विभाग की सड़कें और 104 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं. जिन्हें संबंधित विभागों की ओर से खोलने का प्रयास किया जा रहा है. उत्तराखंड में लगातार हो रही इस आफत की बारिश की वजह से 1 जून से 9 जुलाई तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 11 लोग घायल और आठ लोग अभी भी लापता हैं. आपदा की वजह से दो मकान पूरी तरह से ढह गए हैं. आठ मकान का आधा हिस्सा ढह गया है. जबकि 134 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं.
रायपुर विधानसभा क्षेत्र के सपेरा बस्ती में निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत की. बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मॉनसून में कहीं गड्ढे हो गए हैं, कहीं पर अत्यधिक जल भराव होने के साथ ही पुस्ते, सड़क, पुल कमजोर हो रहे हैं. जिसको ठीक करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को लेकर कहा गया है. ऐसे में सरकार का उद्देश्य है कि सभी लोगों की सहायता की जाए. आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है.