हरिद्वार जिले की मंगलौर कोतवाली पुलिस ने नारसन बॉर्डर पर मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज को आगे जाने से रोक लिया. यशवीर महाराज हरिद्वार में खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ओम का भगवा झंडा और भगवान वराह की तस्वीर लगाने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया. इतना ही नहीं पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया है. पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी सूरत में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से स्वामी यशवीर महाराज धर्मनगरी हरिद्वार में खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ओम का झंडा भगवा और भगवान वराह की तस्वीर लगाने के लिए निकले, जैसे वो मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के नारसन बॉर्डर पर पहुंचे, वैसे ही पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया. उन्होंने आगे जाने देने की अपील की, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया गया.
वहीं, स्वामी यशवीर महाराज ने धामी सरकार की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर जो फैसला लिया है, वो तारीफ योग्य है. जो लोग नाम बदलकर कांवड़ यात्रा में दुकानें लगा रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. क्योंकि, ऐसे लोग सनातन धर्म को कुचलने का काम कर रहे हैं.
बता दें कि धामी सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर होटल और ढाबा संचालकों का फूड लाइसेंस व पहचान पत्र रखने का आदेश जारी किया है. पिछले साल भी दुकानों के बाहर नाम लिखने और प्रदर्शित करने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सरकार को अपने निर्णय पर यूटर्न लेना पड़ा था. हालांकि, इस बार फिर से सरकार ने कमोवेश ऐसा ही किया. पहले सरकार ने आदेश जारी कर फोटो पहचान पत्र और पंजीकरण प्रमाण पत्र पास रखने व दिखाना अनिवार्य किया. हालांकि, बाद में फोटो प्रमाण पत्र का जिक्र हटा दिया.