चुनाव ड्यूटी कटवाने को लगा रहे जुगत, कर्मचारियों ने बनाए ये बहाने

लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियों का दौर तेज हो चुका है। जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ता प्रभारी संग कार्मिकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आचार संहिता लागू होते ही निर्वाचन से जुड़े कामों का दबाव बढ़ जाएगा।हालांकि, इससे पहले ही करीब 100 लोगों ने चुनावी ड्यूटी से नाम हटाने के लिए आवेदन कर दिया है। कोई खुद बीमार है तो किसी के परिवार का सदस्य बीमारी से जूझ रहा है, जिसकी देखरेख के लिए उनके अलावा कोई दूसरा सक्षम व्यक्ति नहीं है।

चुनाव के लिए सभी महकमों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मा दिया गया है। किसे क्या काम करना है, यह बताने के साथ-साथ प्रशिक्षण में सब कुछ समझाया भी जा रहा है, लेकिन कई कर्मचारी ऐसे हैं जो निर्वाचन ड्यूटी से दूरी बनाना चाहते हैं। कार्मिक कक्ष में इनके माध्यम से आवेदन दिए जा रहे हैं।

ज्यादातर मामलों में बीमारी को वजह बताया गया है। गुरुवार को पहुंची एक महिला ने पति की बीमारी का हवाला दिया। जिस पर उसे मेडिकल बोर्ड के समक्ष जाने के लिए कहा गया। वहीं, नोडल कार्मिक व सीडीओ अशोक कुमार पांडे ने बताया कि बोर्ड के सत्यापन के बाद ही आवेदन पर विचार किया जाता है।

कुछ का ट्रांसफर, दोनों जगहों से बचेंगे

चुनावी ड्यूटी को लेकर कार्मिकों के आंकड़े जुटाने का काम पिछले साल के अंत में शुरू हो गया था। कुछ लोग ऐसे भी थे, जिनका ट्रांसफर हो चुका है। तबादले से इन्हें फायदा होगा। पुराने जिले से नाम हटेगा, जबकि नए जिले में पहले से सूची बनने के कारण इनकी ड्यूटी लगने की संभावना कम है।

1111 बूथों पर 4444 पीठासीन व मतदान अधिकारी

नोडल कार्मिक अशोक कुमार पांडे ने बताया कि जिले के 1111 मतदान स्थल पर 4444 पीठासीन व मतदान अधिकारी होंगे। एमबीपीजी कालेज में ही कार्मिक कक्ष तैयार किया गया है। जबकि कुल कार्मिकों की संख्या करीब दस हजार होगी।

एमसीसी और स्वीप कक्ष भी तैयार

एमबीपीजी कालेज में गुरुवार को एमसीसी (माडल कोड आफ कंडक्ट) और मतदाता जागरूकता से जुड़े स्वीप कक्ष को तैयार कर लिया गया। नोडल अधिकारी एफआर चौहान ने बताया कि एमसीसी में कर्मचारी तैनात हो चुके हैं, जबकि स्वीप कार्यक्रमों के लिए सामाजिक विकास अधिकारी सुरेश अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी व सभी बीइओ को प्रभारी नियुक्त किया है।

आज मिलेगा ईवीएम-वीवीपैट का प्रशिक्षण

चुनाव को लेकर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को ईवीएम-वीवीपैट का मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। इन सभी ट्रेनरों को शुक्रवार को विशेषज्ञ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की दिक्कत न हो।

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