अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के तार दुबई से संचालित महादेव एप से जुड़ हुए हैं. मौके से बड़ी मात्रा में सट्टे में प्रयोग किए जा रहे इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किए गए हैं. आरोपी सट्टा खिलवाने के लिए प्रतिबंधित महादेव एप और रेडी बुक बैटिंग एप का इस्तेमाल कर रहे थे.
बसंत विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टेबाजी की सूचना मिली. जिसके बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने संयुक्त टीम गठित की. गठित टीम ने 7 अप्रैल की रात में संयुक्त कार्यवाही करते हुए बसंत विहार क्षेत्र स्थित ऋषि विहार कॉलोनी में किराए के फ्लैट में चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया. इस दौरान टीम ने मौके से 5 आरोपी सुनील शर्मा निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़, संदीप गुप्ता, निवासी सरगुजा,छत्तीसगढ़, संदीप कुमार निवासी औरंगाबाद, बिहार, अकरंद शर्मा निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़ और अभिषेक शर्मा निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़ को सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया.
सभी आरोपियों ने ऑनलाइन वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी करवाने की बात स्वीकार की है. मौके पर आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड एवं एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन बरामद किये गये हैं. आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में धारा 3/4 जुआ अधिनियम 1867 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है,
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया आरोपी रेडीबुक बैटिंग एप के माध्यम से आईपीएल में आनॅलाइन सट्टा खिलाते हैं. इस एप के यूजर आईडी, पासवर्ड सुमित यादव उपलब्ध कराता था.सुमित यादव गुड़गांव में रहता है. सुमित यादव उनका बॉस है. उसे आईडी और पासवर्ड दुबई से प्राप्त होते हैं. एप का एक्सेस प्राप्त होने के बाद उनके द्वारा सट्टा खिलने वालों के यूजर आईडी और पासवर्ड बनाये जाते हैं. उनसे एकाउंट में पैसे जमा कराया जाता है.
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि फ्लैट अंकित कुमार का है. जिसे सुमित यादव ने आरोपियों को किराए पर दिलवाया था. वह बीच-बीच में वो खुद भी यहां आया-जाया करता था. सुमित यादव के तार महादेव बैटिंग एप और उसके मालिक सौरभ चन्द्राकर से भी जुड़ रहे हैं.