राजधानी के पुलिस लाइन में आयोजित एक भव्य पासिंग आउट सेरेमनी के साथ 15 नए सिपाही नौ महीने का कड़ा प्रशिक्षण पूरा कर मुख्यधारा की पुलिसिंग में शामिल हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर परेड की सलामी ली और सभी उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को पद व गोपनीयता की निष्ठापूर्वक शपथ दिलाई।
17 नवंबर 2025 से शुरू हुए इस नौ महीने के गहन प्रशिक्षण सत्र के दौरान आरक्षियों को केवल पारंपरिक पुलिसिंग ही नहीं सिखाई गई, बल्कि उन्हें देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के व्यावहारिक पहलुओं की बारीक जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को साइबर अपराध, अपराध शास्त्र, मानवाधिकार, थाना अभिलेख रखरखाव, शस्त्र संचालन, फील्ड क्राफ्ट, योग और अन-आर्म्ड कॉम्बैट (UAC) का विशेष अभ्यास कराया गया, ताकि वे धरातल पर हर चुनौती का सामना मुस्तैदी से कर सकें। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट्स को एसएसपी द्वारा ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
पूरी ट्रेनिंग के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षी फैज आलम सर्वांग सर्वोत्तम (ऑलराउंडर कैडेट) चुने गए। फैज आलम ने बाह्य कक्ष परीक्षाओं में भी पहला स्थान हासिल किया और परेड कमांडर के रूप में पूरी सेरेमनी का नेतृत्व किया।
वहीं, अंतः कक्ष (इंडोर) परीक्षाओं में महिला रिक्रूट आरक्षी अंजुम निशा ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। एसएसपी ने सभी नव-नियुक्त जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का बड़ा माध्यम है, इसलिए वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी लगन और सत्यनिष्ठा के साथ करें।
इस गरिमामयी समारोह में क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक, आरटीसी स्टाफ और नए आरक्षियों के परिजन भी गर्व के साथ मौजूद रहे।