साध्वी कंचन गिरि के द्वारा निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज व सचिव श्री रवींद्र पुरी जी व जूना अखाड़े के सचिव श्री हरि गिरि जी महाराज के प्रति नित्य प्रतिदिन झूठे व गलत बयानों को मीडिया में वायरल करके लगातार छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए हरिद्वार के अरुण भदौरिया एडवोकेट ने अपने अधिवक्ता कमल भदोरिया एडवोकेट व सुमेधा भदोरिया एडवोकेट के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाया है जिसमें उन्होंने जानकारी दी है की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज जिनके आश्रम दक्षिण काली सिद्ध पीठ मंदिर में 24 घंटे भंडारा चलता रहता है.

हजारों लोग नित्य प्रतिदिन भंडारे में शामिल होते हैं और प्रतिवर्ष गरीब कन्याओं का विवाह करना, गरीब बच्चों को शिक्षा देना, दिलवाना, कई अनाथ बच्चों को भरण पोषण शिक्षा आदि दिलवाना और लगातार भगवान शिव की पूजा अभिषेक 12 से 16 घंटे लगातार वर्ष 2026 में सावन के महीने में 32 घंटे लगातार देश के लिए वह आमजन के कल्याण के लिए कार्य करते रहने के कारण अरुण भदोरिया एडवोकेट ने अपनी धार्मिक भावनाएं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाश आनंद जी महाराज के साथ जुड़ा होना बताया, आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश आनंद जी महाराज जो कि श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी व सनातन धर्म व भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा साधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए देश-विदेश में श्रद्धालुओं के बीच एक सम्मानित संत है, बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से महाराज जी के धार्मिक अनुष्ठानों के साक्षी रहते हैं अरुण भदोरिया एडवोकेट ने सनातन धर्म में आस्था रखने वाले स्वयं को बताया और धार्मिक संतो , आचार्य एवं महामंडलेश्वर के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना रखना बताया है साध्वी कंचन गिरि को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि उनके द्वारा जो वीडियो वायरल किया गया है उनको अरुण भदोरिया एडवोकेट ने 12 सितंबर 2026 में अपने निवास स्थान पर देखा हुआ, सुना जिसमें जिसके द्वारा वीडियो में बाबा को थाईलैंड इतना पसंद क्यों है यह बातें कहते हुए की कैलाश आनंद गिरि जी महाराज बार-बार थाईलैंड क्यों जाते हैं और वहां पर मसाज क्यों करते हैं और किस मकसद से जाते हैं ,इतनी सारी कंट्री है जो अच्छी है और थाईलैंड को सबसे बदनाम कंट्री बताया और यह भी कहा कि मुझे कोई दो करोड़ भी देगा मैं तब भी थाईलैंड नहीं जाऊंगी क्योंकि वहां पर बदबू और स्मेल इतनी होती है लोग बताते हैं कि वहां हर तरह की चीज खाई जाती है इसके अलावा यह भी कहा कि अगर मसाज ही करनी है तो केरल जाइए वहां पर वैदिक तरीके से मसाज होती है अमेरिका जाइए ,लंदन जाइए आदि बातें साध्वी कंचन गिरि ने अपने बयान के माध्यम से वीडियो में डालकर वायरल की है और यह भी कहा कि यह सोना बात के शौकीन है और सोना बात में जाकर आराम फरमाते हैं और निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी जी व जूना खड़े के सचिव हरि गिरि जी महाराज जी के लिए भी अपशब्द शब्दों का प्रयोग किया और केंचुआ नंद जैसे अभद्र शब्द का प्रयोग करके साध्वी कंचन गिरि ने बिना किसी उचित कारण के यह बयान देकर वायरल किया है और तिरस्कार पूर्ण ,उपहारात्मक एवं अपमानजनक के रूप में वीडियो को वायरल किया और केंचुआनंद शब्द का सार्वजनिक वीडियो संदेश में प्रयोग कर वायरल करके अनेक श्रद्धालुओं एवं आम जनता तक पहुंचाया नोटिस में अरुण भदौरिया एडवोकेट के द्वारा बताया गया है की यदि मसाज की उद्देश्य ही होता की थाईलैंड जाकर मसाज ही करनी है तो भारत में कई प्रदेशों में ऐसी सुविधा उपलब्ध है ऐसी स्थिति में थाईलैंड जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ,लेकिन कंचन गिरि के द्वारा धार्मिक संतों के चरित्र एवं नैतिक आचरण से जोड़ने वाली भाषा एक अपमानजनक उपहास आत्मक के रूप में विचार सार्वजनिक बयान दिया है और कानून में किसी भी व्यक्ति को अपमानजनक नाम से संबोधित करना उनके निजी एवं नैतिक चरित्र के संबंध में सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान देना जिनसे उनके प्रति श्रद्धालुओं व आम जनता की धारणा प्रभावित हो सकती है क्योंकि साध्वी कंचन गिरि ने जानबूझकर अपने वीडियो में बयान देकर वायरल किया है और अरुण भदोरिया एडवोकेट ने स्वयं को और अन्य श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और भावना को गंभीर ठेस पहुंचाना कंचन गिरि के द्वारा दिए गए बयान और वीडियो वायरल के द्वारा पहुंचना बताया है इस संबंध में सात दिन के अंदर-अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कंचन गिरि के द्वारा पूज्य संत के लिए अमर्यदित शब्द का प्रयोग किस आधार पर,किस उद्देश्य से किया गया साथ ही यह भी स्पष्टीकरण दें कि पूज्य संत के चरित्र, निजी आचरण ,थाईलैंड यात्रा, मसाज जैसी टिप्पणी करने के संबंध में उनके पास कौन से सत्यापित एवं दस्तावेज थे, साथ ही उनके द्वारा वायरल वीडियो तत्काल डिलीट किए जाने व स्वयं अन्य समस्त श्रद्धालुओं की भावनाओं एवं धार्मिक संवेदनाओं को पहुंचाई गई ठेस के लिए लिखित रूप से खेद व्यक्त करने के लिए नोटिस भेजा गया है और नोटिस का जवाब न मिलने पर साध्वी कंचन गिरि के विरुद्ध एक मुकदमा और हरिद्वार न्यायालय में दायर हो जाएगा।