उत्तराखंड में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव कर रहा है। अब भाजपा को फणींद्रनाथ शर्मा के रूप में नया प्रदेश संगठन महामंत्री मिल गया है।
उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री का पद जून 2026 से (लगभग पौने चार महीने से) खाली चल रहा था। 1 जून 2026 को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने तत्कालीन संगठन महामंत्री अजेय कुमार का स्थानांतरण करके उन्हें राजस्थान भाजपा का प्रदेश संगठन महामंत्री बना दिया था। तब से यह पद रिक्त था और केंद्रीय नेतृत्व किसी नए चेहरे की तलाश में था। अब सितंबर 2026 में फणीन्द्र नाथ शर्मा की नियुक्ति के साथ ही उत्तराखंड भाजपा को स्थायी प्रदेश संगठन महामंत्री मिल गया है।
हाल मे ही पार्टी ने जमीनी स्तर पर मजबूत करने और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ नेता राम माधव उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी की जिम्दारी सौंपी थी। फणीन्द्र नाथ शर्मा पिछले करीब तीन साल से हरियाणा में यह भूमिका संभाल रहे थे, जहाँ उन्हें जुलाई 2023 में नियुक्त किया गया था। हरियाणा से पहले वे असम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी संगठन को मजबूत करने का लंबा अनुभव प्राप्त कर चुके हैं।
शर्मा को संगठन विस्तार, बूथ मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए जाना जाता है। हाल ही में सितंबर 2026 में हरियाणा के फतेहाबाद प्रवास के दौरान उन्होंने मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर की समीक्षा बैठकों का नेतृत्व किया था, जहाँ उन्होंने हर बूथ को सक्रिय बनाने और नियमित कार्यकर्ता बैठकों पर विशेष बल दिया था। उत्तराखंड में उनका मुख्य ध्यान 2027 के चुनावों से पहले पार्टी के आधार को बूथ और पन्ना प्रमुख स्तर तक सशक्त करना होगा।
उत्तराखंड में लगातार दोबारा सत्ता में आने के बाद भाजपा अब 2027 के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने की कोशिश में है। राज्य में लगातार बदल रहे राजनीतिक और जनसांख्यिकी समीकरणों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि इस बार चुनाव पूरी तरह से मजबूत संगठन और बूथ प्रबंधन के दम पर लड़ा जाएगा। माना जा रहा है कि राम माधव का विशाल रणनीतिक अनुभव और फणीन्द्र नाथ शर्मा का जमीनी संगठन प्रबंधन का कौशल मिलकर उत्तराखंड भाजपा को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा। आने वाले समय में दोनों नेता संयुक्त रूप से राज्य के सभी जिलों, मंडलों और बूथों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे और चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देंगे