उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को प्रदर्शन का दौर चला. एक तरफ देहरादून विधानसभा में एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर विधानसभा कूच किया. दूसरी तरफ, देहरादून के पुलिस मुख्यालय के बाहर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राजपुर रोड स्थित एक बार में हुए प्रकरण के विरोध में आईजी का पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही प्रदर्शन करके अपना आक्रोश व्यक्त किया. एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष हिमांशु ने कहा कि, यह घटना कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करती है. जहां एक ओर देहरादून पुलिस ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाकर क्राइम कंट्रोल कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ आईजी स्वयं बार क्लब में नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं.
छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष का कहना है कि, पहले भी पुलिस के यह उच्चाधिकारी विवादों में रहे हैं. छात्रों ने पुलिस के इस आलाधिकारी की संपत्तियों की भी जांच की मांग उठाई है. एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई कि संबंधित आईजी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वो राज्य भर में व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा.
दरअसल, बीते शनिवार पुलिस की सख्ती के बावजूद रात 12:30 बजे तक एक बार में शराब परोसी जा रही थी और संगीत बज रहा था. एसपी सिटी प्रमोद कुमार पुलिस फोर्स के साथ इस बार में पहुंचे तो बताया जा रहा है कि अचानक आईजी उनके सामने आ गए. यह मामला जब देहरादून के एसएसपी के पास पहुंचा तो वह स्वयं बार पहुंचे, जिसके बाद इस बार को करीब एक बजे बंद कराया गया.