उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से पहले पर्यटन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है. इसी कड़ी में 2018 बैच के आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन ने गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के प्रबंध निदेशक (MD) का कार्यभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए निगम की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और राजस्व मॉडल में व्यापक सुधार किए जाएंगे.
जीएमवीएन के तहत संचालित गेस्ट हाउस, टूरिस्ट रेस्ट हाउस और ट्रांजिट कैंपों के किराए शीतकालीन यात्रा के दौरान 50 फीसदी कम किए गए थे. जिसके बाद लंबे समय से पुनरीक्षण की प्रतीक्षा में थे. अब नए एमडी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा से पहले रेट रिवाइज करने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि किराया संरचना को बाजार दरों और बढ़ती संचालन लागत के अनुरूप अपडेट किया जाएगा. ताकि, निगम की आय में वृद्धि हो सके और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं. ऐसे में जीएमवीएन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. रेट रिवाइज के साथ-साथ कमरों के अपग्रेडेशन, ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने एवं स्वच्छता मानकों पर विशेष ध्यान देने की योजना भी बनाई जा रही है.
प्रतीक जैन ने पदभार संभालने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की. बताया जा रहा है कि चारों धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के यात्रा रूट पर स्थित जीएमवीएन की संपत्तियों की मरम्मत, पेंटिंग व आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन का कार्य तेजी से कराया जाएगा.
इसी बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16 मार्च से एक हफ्ते का भव्य योग महोत्सव आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन राज्य में वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
योग महोत्सव में देश-विदेश से योग साधक, प्रशिक्षक और पर्यटक भाग लेंगे. कार्यक्रम में योग सत्र, ध्यान कार्यशालाएं, आयुर्वेद पर व्याख्यान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी. राज्य सरकार और जीएमवीएन मिलकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की तैयारी में है.
उत्तराखंड पहले से ही योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रूप में पहचान रखता है. ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन को बल मिलेगा. बल्कि, स्थानीय लोगों को इससे रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.
एमडी प्रतीक जैन का फोकस जीएमवीएन की ब्रांड वैल्यू और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर है. रेट रिवाइज, बेहतर मार्केटिंग रणनीति और इवेंट आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर निगम को आत्मनिर्भर व प्रतिस्पर्धी बनाने की योजना है.
चारधाम यात्रा से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और योग महोत्सव जैसे आयोजनों से यह साफ संकेत है कि इस बार पर्यटन सीजन को और व्यवस्थित व आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है. अब देखना होगा कि नई रणनीतियां जमीन पर कितना असर दिखाती हैं और यात्रियों को कितना बेहतर अनुभव मिल पाता है.