कभी चकराता थाना छावनी क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन आज चकराता विकासखंड के 52 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। थाना आज भी ब्रिटिशकालीन दो मंजिला भवन से चल रहा है। भवन की दीवारें पत्थर से बनी हैं। जिनकी चौड़ाई करीब दो फीट है। कई साल से भवन मरम्मत नहीं हुई है, लेकिन आज भी ब्रिटिशकालीन यह इमारत मजबूती के साथ खड़ी है।
जनजातीय क्षेत्र के अधिकांश गांवों में आज भी राजस्व पुलिस व्यवस्था कायम है। राज्य गठन के बाद इसमें बदलाव किया गया। धीरे-धीरे आसपास के गांवों को थाना क्षेत्र में शामिल किया गया। वर्तमान में चकराता थाना क्षेत्र के अंतर्गत 38 और इसके अधीन आने वाली लाखामंडल चौकी के अंतर्गत 14 गांव आते हैं। लाखामंडल चौकी इसी साल 15 फरवरी को वजूद में आई।
थाने में सिपाहियों की कमी
थाने के लिए एक थाना प्रभारी, एक दारोगा, दो हेड कॉस्टेबल और 25 सिपाहियों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन वर्तमान में महज छह सिपाही तैनात हैं। एसआई की जगह एएसआई की तैनाती है। तीन हेड कॉस्टेबल तैनात हैं।