शुरू हुआ सर्विस रोड का काम…कई घंटे लगा रहा जाम, 15 दिन रहेगी परेशानी

आईएसबीटी में 15 दिन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 15 दिनों तक निरंजनपुर की ओर से आईएसबीटी को जाने वाली सर्विस रोड बंद रहेगी। इसके बाद दूसरी तरफ से भी सर्विस रोड को निर्माण के लिए बंद किया जाएगा। इन दौरान निरंजनपुर से हरिद्वार रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर के ऊपर से गुजारकर एमडीडीए ऑफिस से यू टर्न होकर दूसरी तरफ के सर्विस रोड के जरिए हरिद्वार रोड के लिए भेजा जाएगा।

दरसअसल, आईएसबीटी की सड़कों की हालत खस्ताहाल है। फ्लाईओवर के नीचे और निरंजनपुर की ओर आने-जाने वाले सर्विस रोड पर चलता तक मुश्किल है। सोमवार से राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला की ओर से सर्विस रोड की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में निरंजनपुर की ओर से आईएसबीटी की ओर जाने वाली करीब 610 मीटर सर्विस रोड को बनाने का कार्य किया जा रहा है।

सर्विस रोड बंद होने से दिन भर फ्लाईओवर पर लगा रहा जाम

सर्विस रोड बंद होने से दिनभर आईएसबीटी और फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति रही। सर्विस रोड बंद होने के बाद निरंजनपुर से आईएसबीटी जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर से निकालकर एमडीडीए ऑफिस से यू टर्न कर आईएसबीटी भेजा गया। छोटे वाहनों को फ्लाईओवर से ही हरिद्वार रोड की तरफ भेजा गया। वाहनों के दबाव के कारण फ्लाईओवर के साथ ही एमडीडीए की ओर से आईएसबीटी आने वाले सर्विस रोड पर जाम लगा रहा। अभी दूसरी तरफ का सर्विस रोड के साथ ही हरिद्वार रोड की तरफ भी सड़क और फ्लाईओवर के नीचे भी सड़क का निर्माण होना है। ऐसे में एक माह से अधिक समय तक लोगों को यूं ही जूझना पड़ेगा।

उत्तराखंड में पहली बार बन रही थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से सड़क
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला दोनों सर्विस रोड का निर्माण थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से कर रहा है। इस तकनीक से उत्तराखंड से पहली बार सड़क का निर्माण हो रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार की मानें तो इस तकनीक से बनी सड़कें बीस साल तक मेंटेनेंस फ्री रहती है। अभी तक सड़कें कोलतार या सीमेंट की बनती हैं। टूटने पर बार-बार पैचवर्क करना पड़ता है। लेकिन थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से सीमेंट की बनने वाली सड़क मेंटेनेंस फ्री रहती है। एनएच डोईवाला खंड के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक इस तकनीक से सड़कें बेंगलुरु, नागपुर, इंदौर सहित कुछ ही शहरों में बनी हैं। इसमें सामान्य बनने वाली सड़कों से लागत काफी ज्यादा होती है।

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