गुलदार के हमले में चार वर्षीय मासूम आरुषि की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब वन विभाग और कांग्रेस नेता के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है. घटना के बाद ग्रामीणों के आक्रोश और वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार एवं मारपीट के मामले में अब कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है.
गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ की ओर से कांग्रेस नेता विनोद दनोशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ कोतवाली पौड़ी में मुकदमा दर्ज कराया गया है. अधिकारियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार के चलते उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्ट्रियल संगठन पौड़ी ने गुरुवार को कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया. संगठन के अध्यक्ष कपिल थपलियाल ने कहा गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ और अन्य कर्मचारियों के साथ जिस तरह का अभद्र व्यवहार किया गया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इस प्रकार की घटनाओं से विभागीय कर्मचारियों का मनोबल लगातार प्रभावित हो रहा है.
एसडीओ पौड़ी आयशा बिष्ट ने भी मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया घआक्रोशित ग्रामीणों ने पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर जाम लगाया. इस दौरान वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मौके पर मौजूद थे. इसके बावजूद कुछ लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया. उन्हें एक कमरे में बंद किया.
मामले में पौड़ी एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ की ओर से कोतवाली पौड़ी में तहरीर दी गई थी. तहरीर के आधार पर कांग्रेस नेता विनोद दनोशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
कांग्रेस नेता विनोद दनोशी ने कहा उन्होंने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वन्यजीवों के हमलों और आम जनता की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर जनता की आवाज उठाई. इसी के चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है. उनके खिलाफ चाहे कितने भी मुकदमे दर्ज कर दिए जाएं, वह जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे.