झड़ीपानी में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में सोमवार को उत्तर रेलवे ने कार्रवाई की. संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद रेलवे अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए. कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा.
रेलवे के मुताबिक, प्राइवेट स्कूल के समीप करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर अनधिकृत कब्जा पाया गया था. संपदा अधिकारी ने लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत मामले की सुनवाई के बाद कब्जा हटाने का आदेश दिया है. आदेश के तहत 15 दिन के भीतर भूमि खाली कर रेलवे को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
रेलवे ने संपदा अधिकारी के सामने 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 और वर्ष 1920-21 के पुराने विक्रय अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर अपना अधिकार बताया. रेलवे का कहना है कि संबंधित भूमि के स्वामित्व के समर्थन में दस्तावेज न्यायालय की पत्रावली में प्रस्तुत किए गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि वह कई दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया गया है. साथ ही नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा है. ऐसे में रेलवे के अधिकारी आए दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे हैं, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हो रहा है. वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जाएंगे.