कांवड़ियों के लिए प्रतिबंधित रहेगा देहरादून एक्सप्रेसवे, भगवानपुर बॉर्डर होंगे डायवर्ट

30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार दून पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) को कांवड़ियों की आवाजाही से पूरी तरह मुक्त रखना होगी. जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच यातायात निर्बाध बना रहे. इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त रणनीति तैयार की जा रही है.

कांवड़ियों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय बनाकर भगवानपुर बॉर्डर से ही श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा. इससे एक्सप्रेसवे पर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी. आपातकालीन सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी.

हरिद्वार से ऋषिकेश होते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रायवाला,ऋषिकेश और नीलकंठ मार्ग पर विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की जाएगी. पुलिस ने पार्किंग,बैरिकेडिंग,ट्रैफिक डाइवर्जन और भीड़ नियंत्रण की योजना तैयार कर ली है. इसी के अनुरूप पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी.

नीलकंठ जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में मुख्य पार्किंग बनाई जाएगी. यहां वाहन खड़े कराने के बाद श्रद्धालुओं को आगे भेजा जाएगा. प्रशासन ने पार्किंग स्थलों और संपर्क मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. जिससे यात्रा के दौरान जाम की स्थिति न बने.

एसपी यातायात ने स्पष्ट किया कि कांवड़ियों को न तो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति होगी और न ही मसूरी की ओर जाने दिया जाएगा. पांवटा साहिब की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को यमुनानगर, सहारनपुर और हरिद्वार मार्ग से डायवर्ट करने की योजना बनाई गई है. जिससे देहरादून शहर में यातायात का दबाव कम किया जा सके.

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