उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग के तहत विभिन्न खंडों में आउटसोर्स के माध्मय से कार्यरत मेट, बेलदार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं. देहरादून के विकासखंड विकासनगर में आउटसोर्स कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर लोक निर्माण विभाग सहिया के सहायक अभियंता को मांग पत्र सौंपा.
दरअसल, साल 2014 से लोक निर्माण विभाग विभिन्न विकासखंडों में मार्गों के रखरखाव के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से लोगों को रोजगार के तहत मेट, बेलदार के पदों पर रखता आ रहा है. आउटसोर्स मेट, बेलदार कर्मचारी संघ लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जयेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्राइवेट एजेंसी, ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों के भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई में घोर भ्रष्टाचार किया गया है. साथ ही श्रमिकों को कार्य से हटकर उत्पीड़न भी किया जा रहा है. उसके विरोध में संघ द्वारा लगातार विभाग, शासन, सरकार को लिखित और धरना प्रदर्शन आंदोलन के जरिए भी ज्ञापन प्रेषित किया गया है.
उन्होंने बताया कि इस मामले में संघ ने पूर्व में मांग उठाई थी कि लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करते हुए मेट, बेलदार श्रमिकों को विभागीय संविदा, दैनिक वेतन और हैंड रसीद सरकारी एजेंसी के माध्यम से सेवायोजित किया जाए. सरकार द्वारा इस प्रकरण पर संज्ञान भी लिया गया और आउटसोर्स भर्ती के लिए जेम पोर्टल, प्रयाग पोर्टल सरकारी एजेंसी बनाई गई. जिसका शासनादेश मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन द्वारा 11 अगस्त 2023 को जारी किया गया.
संघ का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा शासनादेश में दिक्कतों का हवाला दिया गया और शासनादेश का अनुपालन नहीं किया गया. इससे लोक निर्माण विभाग के समस्त खंडों से 744 मेट, बेलदार श्रमिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए. इसके विरोध में देहरादून में 36 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया गया.
प्रमुख अभियंता ने शासनादेश में आ रही दिक्कतों का हवाला देते हुए हटाए गए 744 मेट, बेलदार श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए संशोधित प्रस्ताव 11 अगस्त 2023 शासन को भेजा. 30 मार्च 2025 को इस मामले में शासनादेश भी जारी किया गया. बावजूद 5 महीने बीत जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा शासनादेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कार्य से हटाए गए श्रमिकों की सेवा बहाल करने के विरोध में संघ द्वारा आज प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन आंदोलन, कार्यालय अधिशासी अभियंता अस्थाई खंड लोक निर्माण विभाग सहिया में करने को विवश होना पड़ा. इसके बाद संघ के समस्त सदस्य आगामी धरना प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता लोग निर्माण विभाग, देहरादून कार्यालय में किया जाएगा. यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा
लोक निर्माण विभाग सहिया की सहायक अभियंता राधिका शर्मा ने बताया कि कालसी चकराता मोटर मार्ग और हरिपुर मीनस मोटर मार्ग पर 36 आउटसोर्स श्रमिक कर्मचारी कार्य कर रहे थे. जिनका विभाग द्वारा पूर्ण भुगतान किया गया है. जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया की जाएगी. जेम पोर्टल में कुछ अधिशासी अभियंता द्वारा तकनीक खराबी आ रही है, जिसे जल्द ठीक किया जाएगा.