देहरादून से बड़ी खबर सामने आ रही है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल सोमवार शाम को प्रदर्शन करने वाले नर्सिंग अभ्यर्थियों से मिले। मंत्री से मुलाकात के बाद भी उनकी बात नहीं बनी। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
बता दें पिछले 158 दिनों से नर्सिंग एकता मंच पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन जारी है। सरकार की ओर से कोई सुध नहीं लेने पर प्रदर्शनकारी आज परेड ग्राउंड में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। साथ ही उन्होंने सरकार पर अनदेखी करने का आरोप लगाया। मंत्री की ओर से अभ्यर्थियों को शाम को मिलने का समय दिया गया था।
शाम को नाराज अभ्यर्थियों ने जब स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की तो फिर भी बात नहीं बनी। बता दें मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से भर्ती प्रक्रिया में कुछ छूट देने की बात कही। साथ ही ओवर एज हो रहे अभ्यर्थियों को 2 साल की छूट देने के लिए कहा। लेकिन मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभ्यर्थी खुश नजर नहीं आए। जिसके बाद उन्होंने धरना प्रदर्शन जारी रखेंने की बात कही है।
प्रमुख मांगों में नर्सिंग भर्ती को वर्षवार किए जाने की मांग शामिल है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए और रिक्त पदों पर वर्षवार भर्ती की जाए। मंच का दावा है कि वर्तमान में राज्य में 2500 से अधिक पद रिक्त हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाना चाहिए।
इसके साथ ही उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच ने राज्य से बाहर के छात्रों की भर्ती पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि पहले राज्य के स्थानीय अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए। आंदोलनकारियों ने ओवर एज अभ्यर्थियों को विशेष आयु छूट देने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के चलते कई योग्य अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिनके साथ न्याय होना चाहिए। नर्सिंग एकता मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।