पुरानी पेंशन बहाली को सभी कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए हैं। पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिल्ली की रैली में उमड़ी भारी भीड़ से उत्साहित कर्मचारी संगठन अब उत्तराखंड में आंदोलन तेज करने जा रहे हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार पर दबाव बनाने के लिए चरणबद्ध अभियान तेज किया जाएगा।
दिल्ली से लेकर राज्य के भीतर पहले राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा और फिर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन संगठन की रैली में कर्मचारियों की भीड़ जुटाकर केंद्र पर दबाव बनाया गया। इन दोनों संगठनों के बैनर तले राज्य के भीतर भी लगातार अभियान जारी हैं।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने सोमवार को कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार को कर्मचारियों की ताकत को समझ लेना चाहिए। कई राज्यों के चुनावी नतीजे भी कर्मचारियों की ताकत का अहसास कराने के लिए काफी हैं। ऐसे में अब भी समय है कि लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाली का फैसला ले लिया जाए।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों की इस समय सिर्फ पुरानी पेंशन बहाली ही एकमात्र सबसे बड़ी मांग है। इसे नजरअंदाज करने का सीधा असर चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा। इस बार ये मुहिम पेंशन बहाली होने तक जारी रहेगी।