कल शुक्रवार 11 जुलाई से कांवड़ मेला 2025 शुरू होने जा रहा है. कांवड़ यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों एवं प्रशासन के अधिकारियों द्वारा हर की पैड़ी पर दिनांक 11 जुलाई को प्रातः 10 बजे मां गंगा का पूजन कर आशीर्वाद लिया जाएगा. इधर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा समेत सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा अपनी अपनी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मेले की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. कांवड़ मेला क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित सम्पन्न कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 38 जोन ओर 134 सेक्टरों में बंटा गया है. आधा दर्जन ड्रोन से मेला क्षेत्र पर नजर रखी जायेगी. कांवड़ियों के लिए जगह जगह पानी की टंकियां, शौचालय और पथ प्रकाश की व्यवस्था के साथ साथ सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम की टीमें लगा दी गई हैं.
शुक्रवार से शुरू हो रहे कांवड़ मेले कि व्यवस्थाओं के संबंध में जिला अधिकारी मयूर दीक्षित ओर एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हर की पैड़ी, बैरागी कैंप, कांवड़ पटरी ओर कांवड़ बाजार में पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय और पथ प्रकाश की व्यवस्था के साथ साथ दौरान सफाई की व्यवस्था के लिए नगर निगम की टीमें तैनात कर दी गई हैं.
मेले की सुरक्षा की दृष्टि से मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 38 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है. आज गुरु पूर्णिमा के दिन होने वाली पुलिस ब्रीफिंग के बाद पुलिस बल को तैनात कर दिया जाएगा. मेले में आतंकवादी घटना से बचने के लिए 2 विशेष क्विक एक्शन टीमें तैनात की गई हैं. साथ ही पूरे मेला क्षेत्र पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जायेगी. कांवड़ मेले में हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए बेसबॉल बैट, हॉकी ओर त्रिशूल जैसी धारधार वस्तुओं को बेचने पर बैन लगाया गया.
2,981 पुलिसकर्मियों के साथ ही ड्रोन टीम, एटीएस टीम, इंटेलिजेंस, एंटी बम स्क्वाड, महिला बल, जल पुलिस, मोटर साइकिल टीम, सीपीयू टीम के साथ ही साइबर पुलिस टीम भी तैनात है.
कांवड़ मेले में इस बार नई शुरुआत भी की गई है. कांवड़ियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू हुई है. कांवड़िए क्यूआर (Quick Response code) के माध्यम से ट्रैफिक प्लान और मेला क्षेत्र के मैप की जानकारी ले सकेंगे. क्यूआर कोड हरिद्वार और जिले में प्रवेश करने वाले सभी बॉर्डर पर उपलब्ध रहेगा. इसके साथ ही हरिद्वार से सटे जिलों में भी ये क्यूआर कोड उपलब्ध होगा. इससे कांवड़िए हरिद्वार में प्रवेश से पहले ही मेला रूट प्लान जान सकेंगे, जिससे जाम से निपटने में आसानी होगी.