गुरुवार 10 जुलाई 2025 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ यानी पहचान छिपाकर साधु के वेश में घूम रहे लोगों के खिलाफ अभियान लॉन्च किया था. इसके दूसरे ही दिन देहरादून पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल कर ली. दून पुलिस ने कालनेमि बनकर उत्तराखंड में घूम रहे दूसरे राज्यों के कई ढोंगियों को गिरफ्तार किया है.
ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बाबा के भेष में घूम रहे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. दून पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है. इसके साथ ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने साधु-संतों के भेष में घूम रहे अन्य राज्यों के 20 से अधिक ढोंगी बाबाओं सहित कुल 25 ढोंगी बाबाओं को ऑपरेशन कालनेमि के तहत गिरफ्तार किया है. मौके पर बैठे ढोंगी बाबाओं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र का ज्ञान नहीं था, उनके खिलाफ एसएसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे. प्रदेश में सबसे पहले दून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई की है.
देवभूमि में धर्म की आड़ में लोगों की भावनाओं और आस्थाओं से खिलवाड़ करते हुए उनके साथ धोखाधड़ी करने वाले भेषधारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देशों पर ‘ऑपरेशन कालनेमि’ शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे सभी व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों, जो साधु-संतों का भेष धारण कर लोगों को विशेषकर महिलाओं और युवाओं को भ्रमित करते हैं उनकी पहचान करने का आदेश दिया गया है. ये भेषधारी छद्म लोग स्थानीय लोगों को उनकी व्यक्तिगत अथवा घरेलू समस्याओं का निदान करने का प्रलोभन देते हैं. इस दौरान उन्हें वशीभूत करते हुए उनके साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं. ऐसे कालनेमियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.