सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में हरिद्वार में जिला प्रशासन की टीम ने अवैध मजार को ध्वस्त किया. ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद मजार के नीचे किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले है. प्रशासन ने पूर्व में मजार के खादिमों को नोटिस देकर जवाब मांगा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है.
जानकारी के मुताबिक गढ़मीरपुर गांव के पास सुमननगर पड़ता है. यहां बरसाती नदी के किनारे पूर्व में टिहरी विस्थापित पुनर्वास के पट्टे आवंटित किए गए थे, लेकिन फिर कुछ लोगों द्वारा यहां एक मजार बनाकर करीब दस बीघा भूमि पर कब्जा कर लिया गया. कब्जे के बाद कई लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करने की मांग की.
इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच की और कब्जेधारियों को नोटिस जारी कर मजार से संबंधित दस्तावेज मांगे. तय समय पर नोटिस का जवाब न मिलने पर प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की तैयारी की. बुधवार सुबह हरिद्वार के एसडीएम जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू की. बुलडोजर की मदद से कुछ ही घंटों में पूरे स्ट्रक्चर को ध्वस्त कर दिया गया.
सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा. बुलडोजर से पूरी मजार को ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कार्रवाई के बाद खादिम अपना सामान लेकर चले गए. ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार में सरकारी भूमि किए गए सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है.
डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि गढ़मीरपुर के पास भी सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई थी. शिकायत के बाद कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था. तय समय पर जवाब न मिलने पर अवैध स्ट्रक्चर को हटाया गया है. जनपद में कही भी अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आगे भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.