उत्तराखंड में जमीनों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आत रहते हैं. हालांकि अभी तक ठग आम जनता को ही अपना शिकार बना रहे थे, लेकिन इस बार ठगों ने सत्ताधारी पार्टी यानी बीजेपी विधायक के बेटे को मोटा चूना लगा दिया. पांच भाइयों ने आपस में मिलकर बीजेपी विधायक के बेटे को सरकारी भूमि बेच दी.
बीजेपी विधायक के बेटे ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है. तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. दरअसल, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत को पांच भाइयों ने सरकारी भूमि बेच दी. जांच में धोखाधड़ी साबित होने के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामला 14 साल पुराना बताया जा रहा है.
हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र में जमीन घोटाले का एक पुराना मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. इस मामले में कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत के साथ धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है. पुलिस जांच के बाद पांच सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
जानकारी के अनुसार विकास भगत ने 30 मार्च 2012 को ग्राम नंदपुर कठघरिया निवासी नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र से करीब 6691 वर्ग फुट जमीन खरीदी थी. यह जमीन उन्होंने वैध मानकर खरीदी थी, लेकिन बाद में मामला उलझ गया.
हुआ ये है कि साल 2019 में जब विकास भगत ने यह जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेची, तब खुलासा हुआ कि इस जमीन में सरकारी भूमि भी शामिल है. जांच में सामने आया कि जमीन में सड़क और सिंचाई की गूल (नहर) की भूमि को भी अवैध रूप से शामिल कर बेचा गया था.
प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए 2020 में जांच कराई, जिसमें पुष्टि हुई कि आरोपियों ने गूल को क्षतिग्रस्त कर उसे अपनी निजी भूमि में मिला लिया था. इसके बाद सिंचाई विभाग और प्रशासन ने विवादित जमीन को अपने कब्जे में ले लिया. हालांकि, बाद में यह सहमति बनी कि विक्रेता पक्ष विकास भगत को दूसरी जगह जमीन देगा, लेकिन कई साल बीत जाने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया.
अब पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद पांचों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की आगे की कार्रवाई जारी है. सीओ सीटी अमित कुमार ने बताया कि जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान धोखाधड़ी करने के मामले में पांच भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों द्वारा सिंचाई विभाग की गुल को तोड़ कर इसे बेचने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की विवेचना की जा रही है.