पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बाद मैदान इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज पर गंगा वार्निंग लेवल के पास बह रही है. भीमगोड़ा बैराज पर 293 मीटर पर चेतावनी का स्तर है जबकि 12 बजे गंगा का जलस्तर 292.90 रिकॉर्ड किया गया है. अनुमान लगाया जा रहा है की बारिश अगर इसी तरह जारी रही तो शाम तक गंगा का जलस्तर चेतावनी लेवल को पार कर सकता है. यूपी सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी गंगा के जल स्तर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं. वहीं गंगा किनारे बसे इलाकों में बनाई गई बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट कर दिया गया है.
उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है. कहीं रोड ब्लॉक तो कहीं लैंडस्लाइड की घटना सामने आ रही है. गंगा खतरे के निशान के आसपास पहुंच गई है. NDRF ने जारी की वार्निंग. अगले तीन घंटे में इन जिलों में देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी में भारी बारिश की चेतावनी.उत्तरकाशी जनपद में पिछले कुछ घंटे से लगातार बारिश जारी है. जिससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो रखा है. बारिश के चलते भूस्खलन, मलबा पथरा आने से गंगोत्री, यमुनोत्री हाइवे खुलने और बन्द होने का सिलसिला जारी है. यमुनोत्री हाइवे राणाचट्टी, स्यानाचट्टी पाली गाड में मलबा आने से बन्द हो गया था, जिसे खोल दया गया. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भूक्की के पास मलबा व पत्थर आने से बन्द था, जिसे खोला गया है. लगातार बारिश के कारण हाइवे इन जगह पत्थर मलबा आने से बार बार बन्द हो रहा है. एनएच लोक निर्माण विभाग की यमुनोत्री हाइवे,बीआरओ की मशीन गंगोत्री हाइवे तैनात है.
देहरादून में बारिश कहर बनकर बरस रही है. तमसा नदी उफान पर है और टपकेश्वर मंदिर के पास खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. श्रद्धालु सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिर पहुंचे तो, बारिश और बढ़ते जलस्तर ने चिंता भी बढ़ा दी है. राजधानी देहरादून में बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. लगातार हो रही तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया.