एक महिला सिपाही ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. महिला की शिकायत पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
ज्वालापुर के सराय निवासी एक विवाहिता पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात हैं. पीड़िता ने ज्वालापुर महिला हेल्पलाइन में शिकायत देकर बताया कि उनकी शादी 29 नवंबर 2023 को सहारनपुर जिले के गांगलहेड़ी क्षेत्र निवासी एक युवक के साथ हुई थी. आरोप लगाया कि शादी में उनके परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार खूब दान दहेज दिया था. कार खरीदने के लिए आठ लाख रुपये नकद भी दिए गए थे. इसके बावजूद पति, सास, ननद, नंदोई और देवर दहेज में दिए गए सामान से खुश नहीं थे. महिला सिपाही ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही छोटी छोटी बातों को लेकर उसके साथ झगड़ा किया जाता था और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था.
उस समय उसकी तैनाती कोटद्वार में थी. आरोप है कि ससुराल जाने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था. बेटी के जन्म के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला. महिला का कहना है कि बेटी के जन्म और उसके पालन पोषण पर होने वाला खर्च भी उसने खुद उठाया, जबकि पति ने कोई आर्थिक मदद नहीं की. पीड़िता के मुताबिक, बेटी के जन्म के बाद वह छह महीने के अवकाश पर ससुराल में रही. इस दौरान उसके साथ मारपीट और गाली गलौज की गई. उसका आरोप है कि पति शराब का अधिक सेवन करता है और नशे में उसके साथ मारपीट करता था.
परिवार के लोगों ने कई बार दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ. महिला सिपाही ने शिकायत में बताया कि पहले भी उसने महिला हेल्पलाइन में शिकायत की थी. इसके बाद उसने अपनी तैनाती कोटद्वार से हरिद्वार करा ली और गृहस्थी बचाने के लिए रुड़की में किराये पर कमरा लेकर पति के साथ रहने लगी. आरोप है कि यहां भी पति का व्यवहार नहीं बदला. वह शराब पीकर मारपीट करता था और कई बार उसे कमरे से बाहर निकाल दिया.
पीड़िता का आरोप है कि उसने अपनी सास और देवर को रुड़की बुलाकर पति को समझाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने उसकी मदद करने के बजाय उसे बेटी के साथ गांव में रहने की सलाह दी. महिला के अनुसार, इसके बाद विवाद बढ़ गया और पति ने उसे घर से निकाल दिया. उसने आरोप लगाया कि पति ने जान से मारने की धमकी दी और उसका गला दबा दिया. कुछ देर बाद सांस सामान्य होने पर उसने डायल 112 पर फोन कर मदद मांगी. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने उसके बैग से जेवर निकालकर अपनी मां और भाई को दे दिए. उसकी ननद फोन पर गाली गलौज करती है, जबकि पति उसके भाई के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने और उसकी नौकरी छुड़वाने की धमकी देता है. पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.