उत्तराखंड में मलबे की चपेट में आई यात्रियों से भरी बस, तीन घंटे तक फंसे रहे यात्री

लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में बिजपुर-पनियाला मोटर मार्ग पर भारी मलबा आने से ऋषिकेश से भैंतला खाल जा रही यात्रियों से भरी बस मलबे की चपेट में आकर फंस गई। अचानक मलबा आने से बस के खाई की ओर जाने का खतरा पैदा हो गया, लेकिन चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए बस को रोक लिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक ने तत्काल बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार दिया। वहीं, परिचालक ने बस के पिछले पहियों के नीचे पत्थर लगाकर वाहन को आगे खिसकने से रोकने का प्रयास किया। यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद चालक और परिचालक ने राहत की सांस ली। इस दौरान सड़क पर लगातार मलबा आने का खतरा बना हुआ था।

घटना की सूचना क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश नेगी और सुरेंद्र सिंह नेगी ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष महिपाल सिंह रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के करीब तीन घंटे बाद तक विभाग की JCB मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस दौरान बारिश लगातार जारी रही और सड़क पर दोबारा मलबा आने का खतरा बना रहा। यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए यह समय बेहद चिंताजनक रहा।

क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश नेगी ने आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना आपदा प्रबंधन टिहरी को तत्काल दे दी गई थी, इसके बावजूद राहत कार्य शुरू होने में देरी हुई।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लगातार बारिश के दौरान संवेदनशील मोटर मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए और भूस्खलन संभावित स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मार्गों पर नियमित निगरानी, मलबा हटाने के लिए JCB एवं अन्य मशीनरी की उपलब्धता तथा संवेदनशील स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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