निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में हरिद्वार न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है. यह प्रार्थना पत्र अधिवक्ता अरुण भदौरिया की ओर से न्यायालय श्रीमान जेएम द्वितीय महोदय, हरिद्वार में धारा 175(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है.
प्रार्थना पत्र में साध्वी कंचन गिरि को विपक्षी बनाया गया है. प्रार्थी का आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की धार्मिक गतिविधियों और साधना को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं भ्रामक टिप्पणियां की गई हैं.

प्रार्थी के अनुसार, स्वामी कैलाशानंद गिरि द्वारा दक्षिण काली सिद्धपीठ में प्रतिदिन निःशुल्क 24 घंटे भंडारा चलाया जाता है. इसके अलावा गरीब कन्याओं के विवाह, गरीब बच्चों को शिक्षा, दिव्यांगों को सहायता तथा अन्य सामाजिक एवं धार्मिक कार्य किए जाते हैं. प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सावन माह में भगवान शिव का विशेष अभिषेक एवं पूजन किया जाता है.
प्रार्थी का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथित तौर पर शिवलिंग पर कंकड़ छोड़ने सहित अन्य टिप्पणियां की गई हैं. प्रार्थना पत्र के अनुसार, वीडियो को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही गई है.

प्रार्थी ने न्यायालय से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित वीडियो और उसमें कही गई बातों की जांच कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है. प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार की सामग्री के प्रसार से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की आशंका है और इस पर रोक लगाई जानी आवश्यक है.
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त वीडियो प्रार्थी ने अपने निवास स्थान पर 8 सितंबर 2026 को देखा और सुना था. मामले में न्यायालय से उचित कार्रवाई की मांग की गई है.