प्रदेश के पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हमारे प्रदेश में 7817 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रकार के विकासात्मक कार्य कराये जाते रहे हैं। ग्राम पंचायत पंचायतीराज के सबसे छोटी इकाई है इसलिए इसका विकास हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता बन जाता है। मंत्री ने गांवों का परीक्षण कर बिन्दुवार प्राथमिकता वाले कार्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।
मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर ब्लॉक में लगभग 5 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। इन्हीं के आधार पर अन्य ग्राम पंचायतों को विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में ड्रेनेज और कूड़ा निस्तारण प्रबंधन को बेहतर बनाया जाए। मंत्री ने कहा जिन ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों का अभाव है वहां पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हमारे प्रदेश में 7817 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रकार के विकासात्मक कार्य कराये जाते रहे हैं। ग्राम पंचायत पंचायतीराज के सबसे छोटी इकाई है इसलिए इसका विकास हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता बन जाता है। मंत्री ने गांवों का परीक्षण कर बिन्दुवार प्राथमिकता वाले कार्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।
मंत्री ने कहा ने कि हर साल भारत सरकार द्वारा पंचायत भवन निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। ग्राम पंचायतों को मजबूत और समृद्ध बनाया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने पंचायत भवनों का निरंतर निरीक्षण किए जाने पर भी जोर दिया।