उत्तराखंड की पवित्र नदियों का जल लेकर अयोध्‍या निकली संतों की सवारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित अपने सरकारी आवास से कुशीनगर जिले में भगवान सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इस पहल के तहत, कुशीनगर में सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए देश भर की लगभग 151 पवित्र नदियों का जल एकत्र किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई कलश यात्रा में उत्तराखंड की पवित्र नदियों का जल शामिल है।
महामंडलेश्वर 1008 स्वामी संतोषानंद देव महाराज, पूर्वांचल महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय सहित समिति के अन्य सदस्य ध्वजारोहण समारोह में उपस्थित थे। इससे पहले गुरुवार को कांवड़ यात्रा के मद्देनजर, उत्तराखंड सरकार ने ‘सनातन धर्म’ के नाम पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और लोगों को ठगने वाले धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ‘ऑपरेशन कालनेमि’ शुरू किया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ असामाजिक तत्व साधु-संत का वेश धारण कर लोगों, खासकर महिलाओं को ठग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और सनातन परंपरा की छवि को भी नुकसान पहुँच रहा है। ऐसे में अगर किसी भी धर्म का व्यक्ति ऐसा कृत्य करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पौराणिक असुर कालनेमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार उस राक्षस ने साधु का वेश धारण कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया था, उसी प्रकार आज समाज में अनेक “कालनेमि” सक्रिय हैं जो धार्मिक वेश में अपराध कर रहे हैं।
धामी ने आगे कहा कि उनकी सरकार जनभावनाओं की रक्षा, सनातन संस्कृति की गरिमा और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर पाखंड फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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