प्रेमनगर संयुक्त चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण डॉक्टर अकेले ही ऑपरेशन करते हैं। अस्पताल में ओटी के लिए सिर्फ एक नर्स है जो सभी ओटी में ड्यूटी करती हैं। ऐसे में डॉक्टर को बिना नर्स की सहायता के ऑपरेशन करना पड़ता है।
अस्पताल की नेत्र सर्जन डॉ. आकांक्षा ने बताया कि ऑपरेशन करते समय उपकरण खुद ही लेने पड़ते हैं। एक ऑपरेशन के बाद उपकरणों को धोना और दूसरे ऑपरेशन की तैयारी करना सारा काम डॉक्टर को ही करना पड़ता है। हालांकि, अस्पताल में अन्य स्टाफ है लेकिन वह वार्ड में ड्यूटी करता है।
रोजाना 300 ओपीडी, 10 सर्जरी हो रहीं
दून और कोरोनेशन के बाद प्रेम नगर अस्पताल में मरीजों का अधिक दबाव रहता है। प्रेमनगर उप जिला चिकित्सालय है। इसके बावजूद यहां की स्थिति बहुत दयनीय है। यहां रोजाना 300 मरीजों की ओपीडी होती है। रोजाना सभी विभागों में करीब 10 सर्जरी हो जाती हैं। एक सप्ताह में चार ऑपरेशन आंखों के ही होते है।
अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के लिए 10 पद हैं, इसमें आठ पद भरे हुए हैं। दो नर्स आना बाकी हैं। कितनी नर्स की ड्यूटी लगानी है यह अस्पताल प्रशासन को तय करना है।
– डॉ. संजय जैन, सीएमओ, देहरादून
अस्पताल में नर्स तो आठ हैं लेकिन इस समय अस्पताल में पांच नर्स ही कार्यरत हैं। इसलिए नर्सिंग स्टाफ की दिक्कत हो रही है।