जोशीमठ मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों की रिपोर्ट गुप्त न रखकर आम लोगों से साझा करनी चाहिए। वहीं, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने से राहत मिल गई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को कोर्ट में पेश होने के लिए दिए गए आदेश को वापस ले लिया है।
पूर्व में हाईकोर्ट ने जोशीमठ में हो रहे लगातार भू-धंसाव के मामले में दिए गए आदेश को गंभीरता से नहीं लेने पर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से कोर्ट के समक्ष पेश होने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने जनवरी 2023 में मामले में सरकार को निर्देश दिए थे कि इसकी जांच के लिए सरकार इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट सदस्यों की कमेटी गठित करे जिसमें पीयूष रौतेला और एमपीएस बिष्ट भी होंगे।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
कोर्ट ने कहा-गुप्त न रखें रिपोर्ट