उत्तराखंड चारधाम की यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू होने जा रही है. इसके दृष्टिगत संबंधित विभाग तैयारी को दुरुस्त करने की कवायत में जुटे हुए हैं. हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. यही नहीं, यात्रा के दौरान तमाम श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत भी हो जाती है. जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं. जिसके तहत चारधाम यात्रा के दौरान 1350 डॉक्टरों की तैनाती यात्रा मार्गों पर की जाएगी.
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों और ट्रांजिट कैंपों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा रूट पर करीब 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती का रोस्टर भी तैयार किया गया है. ये टीमें तमाम पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी. जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके. सभी चिकित्सा कर्मियों को संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन रखा गया है.
यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग एवं मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है. साथ ही, यात्रा मार्गों पर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि श्रद्धालु यात्रा के दौरान सतर्क एवं सुरक्षित रह सकें. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन बेहतर व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण के जरिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस साल चारधाम यात्रा के दौरान बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों को जिला स्तर एवं राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाना है. प्रशिक्षण के दौरान सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, रक्तचाप असंतुलन एवं हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार की विशेष जानकारी दी जा रही है. साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है.
डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा ने कहा उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है. चारधाम यात्रा के दौरान 1350 मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा रही है. जिसमें डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है. चारधाम यात्रा मार्गों पर कुल 47 स्वास्थ्य इकाइयां हैं. इसके साथ ही 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 33 हेल्थ केयर्स हैं. ऐसे में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का रोस्टर भी तैयार कर लिया गया है. वर्तमान समय में इन सभी डॉक्टर्स की ट्रेनिंग कराई जा रही है. साथ ही बताया कि हेली एंबुलेंस के लिए ऋषिकेश एम्स से उनकी बातचीत चल रही है. जल्द ही चार धाम यात्रा के लिए हेली एंबुलेंस की व्यवस्था भी कर ली जाएगी.