राजीव जैन के घर छापेमारी पर हरीश रावत का बयान, मेरे CM रहते नहीं कमाया कोई लाभ

कांग्रेस नेता राजीव जैन के घर बीते दिनों आई ने छापेमारी की थी। इस दौरान टीम के हाथ 12 किलो सोना, नगदी और कई अहम दस्तावेज लगे हैं। बता दें कि राजीव जैन पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी नेताओं में से एक हैं। इसलिए कई सवाल इसको लेकर उठ रहे हैं। अब इस मामले में पूर्व सीएम का बयान सामने आया है।

बीते दिनों राजीव जैन के घर हुई छापेमारी पर पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि राजीव जैन एक रियल स्टेट व पैतृक व्यवसाय के साथ आगे बढ़ते हुए व्यवसायी हैं। उनके घर व बिजनेस प्रतिष्ठानों सहित उनके सहयोगियों के प्रतिष्ठानों में छापा पड़ा।

राजीव जैन एक पारंपरिक कांग्रेस परिवार से हैं और मेरे देहरादून अंचल की राजनीति में सक्रिय होने से पहले से ही कांग्रेस में सक्रिय थे और एक व्यवसायी के रूप में स्थापित थे। अपने मुख्यमंत्रीत्व के दौरान मैंने छोटे व्यवसायियों और व्यापार उद्यम के विषय में उनकी जानकारी को देखते हुए उनको अपना सलाहकार बनाया।

हरीश रावत का कहना है कि छापे को कुछ इस तरह से दिखाया व प्रचारित किया गया कि जैसे मेरे एक राजनीतिक सहयोगी और सलाहकार के घर और प्रतिष्ठानों पर छापा पड़ा है और ये प्रतिष्ठान उन्होंने मेरे प्रभाव से खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राजीव जैन ने कोई व्यवसाय या कोई संपत्ति मेरे सलाहकार रहते नहीं खरीदी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि शायद ये उन्होंने भाजपा के शासन के दौरान खरीदी है।

हरदा ने कहा कि राजीव जैन उन लोगों में सम्मिलित नहीं हुए जिन्होंने आज की सत्ता के डर से मेरे खिलाफ बोलना प्रारंभ कर दिया था। शायद इसलिए वो सत्ता की आंखों की किरकिरी बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वो उनके कार्यकाल में राजीव जैन ने कोई व्यवसायिक लाभ नहीं उठाया है। उस कालखंड में उन्होंने कोई भी ऐसा व्यवसायी कृत्य नहीं किया है। व्यवसाय करना अपराध नहीं है, वो पता नहीं कितनी पीढ़ियों से व्यवसाय कर रहे हैं और आगे की उनकी पीढ़ियां भी व्यवसाय करेंगी। उनके खातों की जांचें भी होंगी और जांच की प्रक्रिया पर मुझे कुछ भी नहीं कहना है।

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